नवी दिल्ली,
80th budget देश का आम बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा. इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी. यह स्वतंत्र भारत का 80वां बजट होगा. हर साल की तरह इस बार भी किसान, नौकरीपेशा, महिलाएं, युवा और व्यापारी वर्ग को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं. लोग जानना चाहते हैं कि टैक्स में राहत मिलेगी या नहीं और महंगाई पर काबू पाया जाएगा या नहीं. बता दें कि आज बजट का आकार लाखों करोड़ का है, लेकिन क्या आपको पता है कि आजाद भारत में पहला बजट कितने रुपये का था? तो आइए यहां जानते हैं पहले बजट की पूरी कहानी.
क्या होता है बजट?
बजट दरअसल सरकार का सालाना आर्थिक खाका होता है. इसमें आने वाले वित्त वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित आय और खर्च का पूरा ब्योरा दिया जाता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, केंद्रीय बजट सरकार का वार्षिक वित्तीय दस्तावेज होता है. बजट दो हिस्सों में होता है- रेवेन्यू बजट (जिसमें रोजमर्रा की आय और खर्च शामिल होते हैं) और कैपिटल बजट (जिसमें बड़े निवेश, कर्ज और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खर्च आते हैं).
भारत का पहला बजट कब पेश हुआ था?
बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत का पहला बजट आजादी के बाद नहीं, बल्कि ब्रिटिश शासन के दौरान पेश हुआ था. 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश भारत के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने पहला बजट पेश किया था. उस समय बजट का मकसद आम लोगों की भलाई नहीं, बल्कि अंग्रेजी हुकूमत की जरूरतें पूरी करना था. इसी बजट में पहली बार आयकर लगाने की घोषणा की गई थी.
आजाद भारत का पहला बजट
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली. इसके करीब तीन महीने बाद 26 नवंबर 1947 को आजाद भारत का पहला यूनियन बजट संसद में पेश किया गया. इसे देश के पहले वित्त मंत्री सर आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था. यह बजट पूरे साल के लिए नहीं, बल्कि साढ़े सात महीने यानी 15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948 तक के लिए बनाया गया था.
इस पहले बजट की एक खास बात यह थी कि देश के बंटवारे के बावजूद भारत और पाकिस्तान सितंबर 1948 तक एक ही मुद्रा का इस्तेमाल करने पर सहमत थे. बाद में आर.के. शनमुखम चेट्टी के इस्तीफे के बाद जॉन मथाई ने वित्त मंत्री का पद संभाला और 1949-50 का बजट पेश किया, जो पूरी तरह एकीकृत भारत का पहला बजट माना जाता है.
कितने करोड़ का था पहला बजट?
आपको बता दें कि आजाद भारत का पहला बजट आकार में बेहद छोटा था. उस समय सरकार की कुल अनुमानित आय 171.15 करोड़ रुपये थी, जबकि कुल खर्च करीब 197.29 करोड़ रुपये आंका गया था. इस तरह पहला बजट करीब 24.59 करोड़ रुपये के घाटे का था. उस दौर में देश की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी, इसलिए बजट का बड़ा हिस्सा रक्षा पर खर्च किया गया. रक्षा बजट करीब 92.74 करोड़ रुपये था, जो कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा था.80th budget आज जब बजट लाखों करोड़ रुपये का हो चुका है, तब भारत के पहले बजट के ये आंकड़े देश की आर्थिक यात्रा को साफ तौर पर दिखाते हैं.