Kamada Ekadashi हिंदू धर्मात, चैत्र महिन्याच्या शुक्ल पक्षातील एकादशीला कामदा एकादशी म्हटले जाते. ही वर्षातील सर्वात महत्त्वाच्या एकादशींपैकी एक आहे, कारण ती उपवास करणाऱ्या व्यक्तीच्या सर्व इच्छा पूर्ण करते आणि त्याचबरोबर अजाणतेपणी झालेल्या पापांचाही नाश करते. यावर्षी कामदा एकादशीला एक विशेष ग्रहस्थिती जुळून येत आहे, जी भगवान विष्णू तसेच देवी लक्ष्मीचा आशीर्वाद मिळवण्यासाठी शुभ आहे.
ज्योतिषशास्त्रानुसार, एकादशीला भगवान विष्णूची उपासना त्यांच्यासोबत संपत्तीची देवी लक्ष्मीची पूजा केल्याशिवाय अपूर्ण मानली जाते. Kamada Ekadashi त्यामुळे, जर तुम्ही बऱ्याच काळापासून आर्थिक अडचणी किंवा दारिद्र्याचा सामना करत असाल, तर या दिवशी देवी लक्ष्मीच्या १०८ नावांचा जप करणे अत्यंत फायदेशीर मानले जाते. हे खालीलप्रमाणे आहेत.
लक्ष्मी देवीची १०८ नावे
१. ॐ प्रकृत्यै नमः।
२. ॐ विकृत्यै नमः।
३. ॐ विद्यायै नमः।
४. ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः।
५. ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
६. ॐ त्रिकाल ज्ञान सम्पन्नायै नमः।
७. ॐ ब्रह्म विष्णु शिवात्मिकायै नमः।
८. ॐ महाकाल्यै नमः।
९. ॐ नवदुर्गायै नमः।
१०. ॐ सर्वोपद्रव वारिण्यै नमः।
११. ॐ दारिद्र्य ध्वंसिन्यै नमः।
१२. ॐ नारायण समाश्रितायै नमः।
१३. ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः।
१४. ॐ विष्णुपत्न्यै नमः।
१५. ॐ विष्णु वक्षःस्थल स्थितायै नमः।
१६. ॐ देव्यै नमः।
१७. ॐ मङ्गलायै नमः।
१८. ॐ जयायै नमः।
१९. ॐ समुद्र तनयायै नमः।
२०. ॐ समुद्र तनयायै नमः।
२१. ॐ शुभायै नमः।
२२. ॐ वसुप्रदायै नमः।
२३. ॐ वरलक्ष्म्यै नमः ।
२४. ॐ नृपवेश्म गतानन्दायै नमः।
२५. ॐ शुभप्रदायै नमः।
२६. ॐ स्त्रैण सौम्यायै नमः।
२७. ॐ सिद्धये नमः।
२८. ॐ धनधान्य कर्यै नमः।
२९. ॐ हेममालिन्यै नमः।
३०. ॐ हरिण्यै नमः।
३१. ॐ उदाराङ्गायै नमः।
३२. ॐ वसुन्धरायै नमः।
३३. ॐ यशस्विन्यै नमः ।
३४. ॐ वरारोहायै नमः।
३५. ॐ बिल्वनिलयायै नमः।
३६. ॐ भास्कर्यै नमः।
३७. ॐ श्रियै नमः।
३८. ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः।
३९. ॐ शान्तायै नमः।
४०. ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः।
४१. ॐ दारिद्र्य नाशिन्यै नमः।
४२. ॐ तुष्ट्यै नमः।
४३ ॐ विश्वजनन्यै नमः ।
४४. ॐ विमलायै नमः।
४५. ॐ सत्यै नमः।
४६. ॐ शिवकर्यै नमः।
४७. ॐ शिवायै नमः।
४८. ॐ पुष्ट्यै नमः।
४९. ॐ आह्लोदजनन्यै नमः।
५०. ॐ इन्दुशीतुलायै नमः।
५१. ॐ इन्दिरायै नमः।
५२. ॐ चन्द्ररूपायै नमः।
५३. ॐ चतुर्भुजायै नमः ।
५४. ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः।
५५. ॐ चन्द्रायै नमः।
५६. ॐ चन्द्रवदनायै नमः।
५७. ॐ प्रभायै नमः।
५८. ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः।
५९. ॐ सुप्रसन्नायै नमः।
६०. ॐ पुण्यगन्धायै नमः।
६१. ॐ पद्मगन्थिन्यै नमः।
६२. ॐ पद्मिन्यै नमः।
६३. ॐ देव्यै नमः ।
६४. ॐ पद्ममालाधरायै नमः।
६५. ॐ रमायै नमः।
६६. ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः।
६७. ॐ पद्ममुख्यै नमः।
६८ ॐ पद्मोद्भवायै नमः।
६९. ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः।
७०. ॐ पद्माक्ष्यै नमः।
७१. ॐ पद्महस्तायै नमः।
७२. ॐ पद्मप्रियायै नमः।
७३. ॐ लोकमात्रे नमः ।
७४. ॐ करुणायै नमः।
७५. ॐ धर्मनिलयायै नमः।
७६. ॐ लोकशोक विनाशिन्यै नमः।
७७. ॐ दीप्तायै नमः।
७८. ॐ अमृतायै नमः।
७९. ॐ अशोकायै नमः।
८०. ॐ हरिवल्लभायै नमः।
८१. ॐ अनघायै नमः।
८२. ॐ ऋद्धये नमः।
८३. ॐ अनुग्रहपरायै नमः।
८४. ॐ क्रोधसम्भवायै नमः।
८५. ॐ कामाक्ष्यै नमः।
८६. ॐ कान्तायै नमः।
८७. ॐ कमलायै नमः।
८८. ॐ वसुधारिण्यै नमः।
८९. ॐ वसुधायै नमः।
९०. ॐ दीप्तायै नमः।
९१. ॐ दीप्तायै नमः।
९२. ॐ अदित्यै नमः।
९३. ॐ विभावर्यै नमः।
९४. ॐ नित्यपुष्टायै नमः।
९५. ॐ लक्ष्म्यै नमः।
९६. ॐ हिरण्मय्यै नमः।
९७. ॐ धन्यायै नमः।
९८. ॐ सुधायै नमः।
९९. ॐ स्वधायै नमः।
१००. ॐ स्वाहायै नमः।
१०१. ॐ शुच्यै नमः।
१०२. ॐ पद्मायै नमः।
१०३. ॐ पद्मालयायै नमः।
१०४. ॐ वाचे नमः।
१०५. ॐ तुष्टाय नमः।
१०६. ॐ सुरभ्यै नमः।
१०७. ॐ विभूत्यै नमः।
१०८. ॐ श्रद्धायै नमः।।